फाइब्रॉइड (Fibroid uterus )यूटेरस क्या होता है?
फाइब्रॉइड यूटेरस (Uterine Fibroid) गर्भाशय (बच्चेदानी) में होने वाली गांठ (non-cancerous tumor) होती है। यह महिलाओं में बहुत आम समस्या है, खासकर 30–50 वर्ष की उम्र में।
📍फाइब्रॉइड(fibroid) होने के कारण
हार्मोनल असंतुलन (Estrogen ज़्यादा होना) पारिवारिक इतिहास मोटापा पीरियड्स जल्दी शुरू होना गर्भावस्था न होना या देर से होना
📍फाइब्रॉइड (fibroid) के लक्षण
बहुत ज़्यादा या लंबे समय तक पीरियड्सपेट के निचले हिस्से में दर्द या भारीपनपीठ या कमर दर्दबार-बार पेशाब लगनापेट में सूजनबांझपन (Infertility)कमजोरी / एनीमिया (खून की कमी)
📍फाइब्रॉइड (fibroid)यूटेरस सर्जरी कब ज़रूरी होती है?
दवाओं से आराम न मिले ⚫️ बहुत ज़्यादा ब्लीडिंग हो. ⚫️ फाइब्रॉइड का साइज बड़ा हो. ⚫️. गर्भधारण में दिक्कत. ⚫️. दर्द या दबाव बहुत ज़्यादा होबार-बार खून की कमी हो
📍फाइब्रॉइड (fibroid) की सर्जरी के प्रकार
1. मायोमेक्टॉमी (Myomectomy)✔️ सिर्फ फाइब्रॉइड निकाला जाता है✔️ गर्भाशय सुरक्षित रहता है✔️ बच्चा चाहने वाली महिलाओं के लिए बेहतरतरीकेलेप्रोस्कोपिक मायोमेक्टॉमी (छोटे छेद से)ओपन मायोमेक्टॉमी (बड़े चीरे से)
2. हिस्टेरेक्टॉमी (Hysterectomy)✔️ पूरा गर्भाशय निकाल दिया जाता है✔️ दोबारा फाइब्रॉइड नहीं होता
❌ इसके बाद प्रेग्नेंसी संभव नहींआमतौर पर कब?उम्र ज़्यादा हो बच्चा नहीं चाहिए बहुत ज़्यादा या बार-बार फाइब्रॉइड
📍सर्जरी के बाद रिकवरी
अस्पताल में 2–5 दिन
दर्द 5–7 दिनपूरी रिकवरी
4–6 हफ्ते1 महीने तक भारी काम न करें
आयरन और प्रोटीन वाली डाइट लेंफाइब्रॉइड
📍 सर्जरी के बाद सावधानियाँ
✔️ समय पर दवा लें✔️ टांकों की सफाई रखें✔️ ज़्यादा ब्लीडिंग, बुखार या तेज दर्द हो तो डॉक्टर को बताएं✔️ फॉलो-अप ज़रूर करें
क्या फाइब्रॉइड दोबारा हो सकता है?मायोमेक्टॉमी के बाद दोबारा हो सकता हैहिस्टेरेक्टॉमी के बाद नहीं होता



